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Pariksha Pe Charcha 2026: परीक्षा पे चर्चा 2026 में PM मोदी ने बताया –क्या है ज्यादा जरूरी, स्किल या मार्क्स?

pariksha pe charcha 2026

Pariksha Pe Charcha 2026: क्या यह सच में छात्रों के काम आता है?

क्या है परीक्षा पे चर्चा 2026?आज, 6 फरवरी 2026 को नौवां संस्करण हुआ, जिसमें 4.5 करोड़ से ज्यादा भागीदारी हुई – पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए. पहली बार यह कई जगहों पर हुआ: दिल्ली (7 लोक कल्याण मार्ग), देवमोगरा (गुजरात), कोयंबटूर, रायपुर और गुवाहाटी. PM ने छात्रों से कहा, “अपने स्टडी पैटर्न पर भरोसा करो, लेकिन सलाह लो.” फोकस AI के समझदार इस्तेमाल, स्किल्स vs मार्क्स, तनाव प्रबंधन और विकसित भारत पर था. PM ने असमिया गमोसा पहनकर पूर्वोत्तर की महिलाओं को सम्मान दिया. सुबह 10 बजे शुरू हुआ यह इवेंट यूट्यूब और दूरदर्शन पर लाइव था, और सर्टिफिकेट MyGov से डाउनलोड हो सकते हैं. इन सालों में PPC एक कार्यक्रम से ज्यादा बन गया – यह “एग्जाम वॉरियर्स” आंदोलन है, जो छात्रों को तनाव-मुक्त बनाता है.

परीक्षा पे चर्चा 2026 आपकी इस समस्या का मजेदार और आसान समाधान है। यह PM नरेंद्र मोदी का सुपरहिट वार्षिक कार्यक्रम है, जहां वे छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से दिल खोलकर बात करते हैं। 2026 की 9वीं एडिशन में 4.5 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े. यहां PM ने तनाव मुक्त परीक्षा, स्किल्स और मार्क्स का बैलेंस जैसे टॉपिक्स पर कमाल की सलाह दी। यह शो आपको मोटिवेट करेगा और परीक्षा को एक उत्सव की तरह मनाने का तरीका सिखाएगा।

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कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं

परीक्षा पे चर्चा 2026 को 6 फरवरी 2026 को आयोजित किया गया – सुबह 10 बजे शुरू हुआ यह लाइव इवेंट. PM मोदी ने देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और दिल्ली के छात्रों से सीधी बात की। कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएंवाह, परीक्षा पे चर्चा 2026 को 6 फरवरी 2026 को आयोजित किया गया – सुबह 10 बजे शुरू हुआ यह लाइव इवेंट. PM मोदी ने देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और दिल्ली के छात्रों से सीधी बात की। मुख्य फोकस? परीक्षा का तनाव कम करना, आत्मविश्वास बढ़ाना और जीवन में बैलेंस लाना। क्या कमाल का था.

Pariksha Pe Charcha 2026: इस साल की स्पेशल हाइलाइट्स:

Pariksha Pe Charcha 2026: PM मोदी की मुख्य सलाह

PM मोदी ने छात्रों के सवालों पर इतनी मजेदार और प्रैक्टिकल सलाह दी कि आप सोचेंगे, “वाह, यह तो मेरे लिए ही है.”

परीक्षा पे चर्चा 2026 में क्या बोले PM मोदी?

कार्यक्रम के दौरान छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा: “एक परीक्षा के नंबर आपकी क्षमता को पूरी तरह परिभाषित नहीं कर सकते। जीवन लंबा है, और उसमें स्किल ही आपका सबसे बड़ा सहारा बनती है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो छात्र सिर्फ मार्क्स पर निर्भर रहते हैं, वे कई बार असफलता आने पर टूट जाते हैं, जबकि स्किल पर काम करने वाले छात्र हर परिस्थिति में खुद को ढाल लेते हैं।

 

Pariksha Pe Charcha 2026: स्किल्स vs मार्क्स: क्या ज्यादा जरूरी?

एक छात्र ने पूछा, स्किल्स या मार्क्स – किसे प्राथमिकता दें? PM ने मुस्कुराते हुए कहा, “पढ़ाई और नींद की तरह, शिक्षा और स्किल्स जुड़वा बहनें हैं. दोनों का बैलेंस बनाओ। मार्क्स शुरुआती जीत देते हैं, लेकिन स्किल्स जीवनभर साथ निभाते हैं।”
टिप: पढ़ाई के साथ हॉबीज और रेस्ट को मिक्स करो – मजा आएगा.

मार्क्स बनाम स्किल: PM मोदी की सोच का अर्थ

प्रधानमंत्री का यह बयान केवल प्रेरणादायक नहीं, बल्कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर एक गहरी टिप्पणी भी है।

मार्क्स क्या बताते हैं?

स्किल क्या दर्शाती है?

परीक्षा पे चर्चा 2026 में यह साफ किया गया कि मार्क्स एक पड़ाव हैं, मंज़िल नहीं।

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परीक्षा तनाव कैसे कम करें?

तनाव से परेशान हो? PM ने बताया, “लक्ष्य पर फोकस करो, लेकिन स्वास्थ्य को इग्नोर मत करो। जैसे खिलाड़ी पूरे शरीर का ख्याल रखता है, वैसे तुम मानसिक और शारीरिक वेलनेस पर ध्यान दो.” रील्स में समय वेस्ट मत करो, अच्छी नींद लो – और देखो, तनाव गायब.

समय प्रबंधन और गेमिंग

गेमिंग लवर हो? PM ने कहा, “गेमिंग मनोरंजन है, लेकिन पढ़ाई नंबर वन. समय फिक्स करो और स्टिक रहो।” टीचर्स से एक कदम आगे रहने का सीक्रेट: “सब्जेक्ट को गहराई से समझो – फिर देखो, तुम सुपरस्टार बन जाओगे.

“मेमोरी टिप्स

मेमोरी कमजोर लगती है? PM ने शेयर किया, “रिपीटेशन और एसोसिएशन यूज करो। छोटे ब्रेक्स लो और हेल्दी डाइट अपनाओ.” बोर्ड एग्जाम के लिए परफेक्ट – ट्राई करके देखो.

स्वास्थ्य और वेलनेस

इवेंट में वेलनेस पर इतना जोर कि आप इंस्पायर्ड हो जाओगे. PM ने कहा, “सफलता मार्क्स से नहीं, रेजिलिएंस और बैलेंस से आती है.” क्लैरिटी, शांति और अच्छी आदतें अपनाओ – जीवन बदल जाएगा.ये टिप्स इवेंट से सीधे हैं, रूमर्ड नहीं। अपडेट के लिए ऑफिशियल साइट चेक करो – एक्साइटिंग अपडेट्स मिल सकते हैं.

Pariksha pe charcha 2026: पिछले सालों से क्या सीखें?

पिछले सालों से क्या सीखें? परीक्षा पे चर्चा 2018 से चल रही है – हर साल और मजेदार. 2025 में गिनीज रिकॉर्ड बना, और थीम्स बदलते रहते हैं, लेकिन फोकस तनाव कम करने पर। 2024 में PM ने रील्स से दूर रहने की टिप दी थी, जो 2026 में भी हिट रही। यह एग्जाम वॉरियर्स मूवमेंट का हिस्सा है – जहां छात्र स्ट्रेस-फ्री बनते हैं। सोचो, कितना कूल.कैसे डाउनलोड करें सर्टिफिकेट?रजिस्ट्रेशन किया था? कमाल का सर्टिफिकेट मिलेगा.

कैसे डाउनलोड करें सर्टिफिकेट?

रजिस्ट्रेशन किया था? कमाल का सर्टिफिकेट मिलेगा. स्टेप्स

Who Should Listen This?

Quick Verdict / Final Opinion

यह कार्यक्रम छात्रों के लिए गोल्डमाइन है. PM मोदी की सलाह सरल, मजेदार और असली वैल्यू देती है – तनाव कम करती है और परीक्षा को पार्टी बनाती है. कोई हाइप नहीं, बस प्योर वैल्यू. अगर छात्र हो, तो जरूर देखो – फ्री है और जीवन बदल देगा.

 

PM मोदी छात्रों से परीक्षा पे चर्चा 2026 में बातचीत करते हुए

 

Pariksha pe charcha 2018-2026: परीक्षा पे चर्चा के इतिहास और अभी तक का सफर

आज हम बात करेंगे “परीक्षा पे चर्चा” (PPC) की, जो PM मोदी का सालाना कार्यक्रम है. यह छात्रों के तनाव को कम करने का एक अनोखा प्लेटफॉर्म है, जो 2018 में शुरू हुआ और आज एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है. मैंने इसके पहले संस्करण से लेकर अब तक के सफर को देखा है – कैसे यह एक छोटे टाउनहॉल से करोड़ों लोगों तक पहुंचा. आइए, इतिहास से शुरू करके आज तक का विवरण देखें, बिना किसी अतिशयोक्ति के, सिर्फ तथ्यों पर आधारित.

Pariksha pe charcha 2018: शुरुआत: 2018 में जन्मा ‘परीक्षा पे चर्चा’ एक विचार

2018 में, जब दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में  “परीक्षा पे चर्चा” का पहला संस्करण हो रहा था. यह 16 फरवरी को आयोजित हुआ, जहां PM मोदी ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से सीधे बात की. उद्देश्य साफ था: परीक्षा को बोझ न बनाकर उत्सव बनाना. उस समय करीब 22,000 लोग शामिल हुए, और PM ने “एग्जाम वॉरियर्स” किताब का जिक्र किया, जो उन्होंने खुद लिखी थी. यह कार्यक्रम शिक्षा में तनाव कम करने की दिशा में एक नई शुरुआत थी, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) से जुड़ी हुई थी. मैंने देखा कि छात्रों के सवाल कितने असली थे – पढ़ाई का दबाव, समय प्रबंधन, और माता-पिता की उम्मीदें. PM ने कहा, “परीक्षा जीवन का अंत नहीं, बल्कि शुरुआत है.” यह पहला कदम था, जो आगे चलकर बड़ा आंदोलन बना.

Pariksha pe charcha 2019-2020: परीक्षा पे चर्चा 2029 का विस्तार और लोकप्रियता

दूसरा संस्करण 29 जनवरी 2019 को दिल्ली में हुआ, जहां भागीदारी बढ़कर 1.03 लाख हो गई. यह अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं. PM ने छात्रों से कहा, “असफलता से डरो मत, यह सीखने का मौका है.” 2020 का तीसरा संस्करण 20 जनवरी को हुआ, जिसमें 2.63 लाख रजिस्ट्रेशन हुए. यहां PM ने स्वास्थ्य और पढ़ाई के बैलेंस पर जोर दिया. ये साल कार्यक्रम की नींव मजबूत करने वाले थे – लाइव टेलीकास्ट शुरू हुआ, और दूरदर्शन, यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर पहुंच बढ़ी. मैंने रिपोर्ट में लिखा था कि यह शिक्षा में एक क्रांति है, जहां PM खुद छात्रों के मेंटर बन रहे हैं.

Pariksha pe charcha 2021-2022: महामारी के बीच ऑनलाइन क्रांति लायी परीक्षा पे चर्चा 2021

2021 में कोविड-19 की वजह से चौथा संस्करण 7 अप्रैल को वर्चुअल हुआ. रजिस्ट्रेशन 14.02 लाख पहुंचे, जिसमें 10.5 लाख छात्र थे. PM ने ऑनलाइन पढ़ाई के चुनौतियों पर बात की – जैसे स्क्रीन टाइम और मेंटल हेल्थ. उन्होंने कहा, “तनाव को दोस्त बनाओ, दुश्मन नहीं.” 2022 का पांचवां संस्करण 1 अप्रैल को हुआ, जिसमें 15.73 लाख रजिस्ट्रेशन हुए. महामारी के बाद यह पहला बड़ा ऑफलाइन इवेंट था, और PM ने स्किल डेवलपमेंट पर फोकस किया. इन सालों में PPC डिजिटल हो गया, जो करोड़ों तक पहुंचा. मेरे अनुभव में, यह शिक्षा को लोकतांत्रिक बनाने का उदाहरण था.

Pariksha pe charcha 2023-2024: परीक्षा पे चर्चा 2023 राष्ट्रीय आंदोलन बना

2023 का छठा संस्करण 27 जनवरी को हुआ, जिसमें 38.79 लाख रजिस्ट्रेशन हुए. यहां PM ने AI और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर सलाह दी. 2024 का सातवां संस्करण 29 जनवरी को हुआ, जिसमें 2.26 करोड़ रजिस्ट्रेशन हुए. अब यह वैश्विक हो रहा था – विदेशी छात्र भी जुड़ रहे थे. PM ने कहा, “मार्क्स से ज्यादा स्किल्स मायने रखते हैं.” इन सालों में PPC ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की दिशा में कदम बढ़ाया, और शिक्षा मंत्रालय ने इसे NEP 2020 से जोड़ा.

Pariksha pe charcha 2025: परीक्षा पे चर्चा 2025 ने गिनीज रिकॉर्ड और वैश्विक पहचान बनाया

2025 का आठवां संस्करण 10 फरवरी को हुआ, जिसमें 3.53 करोड़ रजिस्ट्रेशन हुए – जो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना. मैंने दिल्ली में कवरेज की, और महसूस हुआ कि यह अब एक वैश्विक प्लेटफॉर्म है. 245+ देशों से छात्र जुड़े, और PM ने “मेक इन इंडिया” और स्वच्छता पर बात की. यह साल PPC के विकास का चरम था – 21 करोड़ से ज्यादा दर्शक.

Pariksha pe charcha 2026: नौवां संस्करण और नई ऊंचाइयां

आज, 6 फरवरी 2026 को नौवां संस्करण हुआ, जिसमें 4.5 करोड़ से ज्यादा भागीदारी हुई – पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए. पहली बार यह कई जगहों पर हुआ: दिल्ली (7 लोक कल्याण मार्ग), देवमोगरा (गुजरात), कोयंबटूर, रायपुर और गुवाहाटी. PM ने छात्रों से कहा, “अपने स्टडी पैटर्न पर भरोसा करो, लेकिन सलाह लो.” फोकस AI के समझदार इस्तेमाल, स्किल्स vs मार्क्स, तनाव प्रबंधन और विकसित भारत पर था. PM ने असमिया गमोसा पहनकर पूर्वोत्तर की महिलाओं को सम्मान दिया. सुबह 10 बजे शुरू हुआ यह इवेंट यूट्यूब और दूरदर्शन पर लाइव था, और सर्टिफिकेट MyGov से डाउनलोड हो सकते हैं.PPC का प्रभाव: मेरे 30 साल के अनुभव सेइन सालों में PPC एक कार्यक्रम से ज्यादा बन गया – यह “एग्जाम वॉरियर्स” आंदोलन है, जो छात्रों को तनाव-मुक्त बनाता है.

 

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FAQs

Pariksha pe charcha 2026 kab hui thi?

यह 6 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे लाइव हुई. PM मोदी ने छात्रों से कमाल की बात की. रिकॉर्डिंग यूट्यूब पर है – मिस मत करो. 

Pariksha pe charcha 2026 ke highlights kya hain?

PM ने स्किल्स-मार्क्स बैलेंस, तनाव टिप्स, मेमोरी ट्रिक्स और वेलनेस पर बात की. 4.5 करोड़ पार्टिसिपेंट्स – सुपर एक्साइटिंग इवेंट.

Kaise download karen pariksha pe charcha certificate

MyGov साइट पर लॉगिन करो, PPC 2026 सेक्शन जाओ और डाउनलोड करो. सभी को मिलता है – मोटिवेशन बूस्ट.

Pariksha pe charcha kab shuru hua tha?

2018 में शुरुआत हुआ था.

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