Ajit pawar death in plane crash: अजित पवार विमान दुर्घटना: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री की मौत – पूरा राजनीतिक सफर और प्रभाव
Ajit Pawar Plane Crash Reason: विमान दुर्घटना का पूरा विवरण
विमान में कुल 5 लोग सवार थे:
- अजित पवार (उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र)
- उनका निजी सुरक्षा अधिकारी
- एक सहायक
- दो क्रू मेंबर (पायलट और सह-पायलट)
डीजीसीए (Directorate General of Civil Aviation) और पुणे पुलिस ने पुष्टि की है कि सभी की मौके पर ही मौत हो गई। कोई भी जीवित नहीं बचा। जांच में ब्लैक बॉक्स बरामद हो चुका है और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीम काम कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स में मौसम सामान्य था, लेकिन लैंडिंग के दौरान क्या हुआ, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

Ajit Pawar Biography: अजित पवार का राजनीतिक सफर: शुरुआत से सत्ता तक
Ajit Pawar Education: प्रारंभिक जीवन और राजनीतिक प्रवेश (1959-1991)
- जन्म अहमदनगर जिले के देवलाली प्रवरा में हुआ। पिता अनंतराव पवार का निधन जल्दी हो जाने से परिवार की जिम्मेदारी उठानी पड़ी, जिसके कारण कॉलेज छोड़ दिया।
- 1982 में सहकारी क्षेत्र में प्रवेश: बारामती के एक साखर कारखाने के बोर्ड में चुने गए।
- 1991 में पुणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अध्यक्ष बने और 16 वर्ष तक पद पर रहे।
- 1991 में राजनीति में कदम: बारामती लोकसभा सीट से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के टिकट पर जीते, लेकिन छह महीने बाद सीट चाचा शरद पवार को सौंप दी, जो तत्कालीन रक्षा मंत्री बने।
- उसी वर्ष बारामती विधानसभा उपचुनाव में विधायक चुने गए। यह उनकी विधानसभा यात्रा की शुरुआत थी, जो लगातार 9 बार (1991, 1995, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019) तक चली।
Ajit Pawar Political journey: कांग्रेस से एनसीपी तक का सफर और मंत्री पद (1991-2010)
- 1991-92: मुख्यमंत्री सुधाकरराव नाइक सरकार में कृषि और विद्युत (राज्यमंत्री)।
- 1992: शरद पवार मुख्यमंत्री बने तो मिट्टी संरक्षण, विद्युत और नियोजन (राज्यमंत्री)।
- 1999: शरद पवार ने एनसीपी बनाई तो अजित भी शामिल हुए। कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन सरकार में सिंचाई मंत्री बने।
- 2003-04: सुषीलकुमार शिंदे सरकार में ग्रामीण विकास विभाग भी जोड़ा।
- 2004-10: विलासराव देशमुख और अशोक चव्हाण सरकारों में जलसंपदा मंत्री। इस दौरान बड़े बांध प्रोजेक्ट्स और सिंचाई योजनाओं पर फोकस, लेकिन बाद में घोटालों के आरोप लगे।
- इस दौर में वे महाराष्ट्र के सबसे ताकतवर मंत्रियों में शुमार हुए, खासकर पश्चिम महाराष्ट्र (मराठा पट्टी) में।
Ajit Pawar Deputy CM: उपमुख्यमंत्री के रूप में उदय (2010-2019)
- 2010-12: पृथ्वीराज चव्हाण सरकार।
- 2012-14: दूसरी बार उपमुख्यमंत्री।
- 2019 (नवंबर): 80 घंटे की सरकार में तीसरी बार उपमुख्यमंत्री (देवेंद्र फडणवीस सरकार में बगावत कर शामिल हुए, लेकिन सरकार गिर गई)।
- 2019-22: महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार में चौथी बार उपमुख्यमंत्री (उद्धव ठाकरे सरकार)। वित्त, नियोजन, राज्य उत्पाद शुल्क जैसे विभाग।
- 2023-2026: एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकारों में 3 बार।
Ajit Pawar Controversy: अजित पवार का करियर विवादों से रहित नहीं रहा: प्रमुख विवाद और आलोचनाएं
- सिंचाई घोटाला (2012-13): सिंचाई घोटाले के आरोप (70,000 करोड़ का अपहार)। विजय पंढरे जैसे अभियंता ने दस्तावेज साझा किए, लेकिन जांच में साबित नहीं हुआ।
- इंदापूर बयान (2013): इंदापूर दुष्काल विरोध में विवादास्पद बयान (“डैम में पेशाब करूं क्या?”)—बाद में माफी मांगी।
- लवासा प्रोजेक्ट: लवासा प्रोजेक्ट में अनियमितताओं के आरोप।
फिर भी, पश्चिम महाराष्ट्र, मराठा समुदाय और ग्रामीण वोटबैंक में उनकी मजबूत पकड़ रही।
NCP बगावत और NDA में शामिल होना (2023-2026)
- 2022: शिवसेना फूट के बाद एमवीए सरकार गिरी। अजित पवार विपक्ष के नेता बने।
- 2 जुलाई 2023: शरद पवार के खिलाफ बगावत। 30+ विधायकों के साथ एनसीपी का बड़ा हिस्सा लेकर एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार में शामिल। पांचवीं बार उपमुख्यमंत्री।
- 2023-24: चुनाव आयोग ने एनसीपी का नाम और चुनाव चिन्ह (घड़ी) उनके गुट को दिया। शरद पवार गुट को ‘एनसीपी (शरदचंद्र पवार)’ नाम मिला।
- 2024 विधानसभा चुनाव के बाद: देवेंद्र फडणवीस सरकार में छठी/सातवीं बार उपमुख्यमंत्री। वित्त, नियोजन, खेल, युवा कल्याण, अल्पसंख्यक विकास जैसे विभाग।
- 5 दिसंबर 2024 से 28 जनवरी 2026 तक: फडणवीस सरकार में उपमुख्यमंत्री।
Ajit Pawar Political Power: अजित पवार की विरासत और राजनीतिक प्रभाव
- एनसीपी (अजित गुट) पर असर पड़ेगा।
- मराठा और ग्रामीण क्षेत्रों में सत्ता समीकरण बदल सकते हैं।
- मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा अधूरी रह गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राहुल गांधी, उद्धव ठाकरे समेत सभी नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।
अजित पवार का जाना महाराष्ट्र की राजनीति में एक युग का अंत है। उनकी महत्वाकांक्षा, रणनीति और विवादों से भरा सफर हमेशा याद किया जाएगा। जांच पूरी होने पर और जानकारी आएगी।
Shibu Soren Death News: दिशोम गुरु शिबू सोरेन को अंतिम विदाई देने पहुंचे PM मोदी, दी श्रद्धांजलि